Monday, March 1, 2010

जुबान में गर हड्डी होती

मतलब पड़ने पे मीठी बोली
निकला मतलब तो नश्तर चुभोती
आसान ना होता अपनी बात से फिरना
लगी जुबान में गर हड्डी होती

पेट की खातिर बिकते ईमान
सौ जुर्म होते पाने को दो रोटी
सारे फसाद ऐसे ही मिट जाते
जगह पेट के गर कमर ही होती

कदम कदम पे मिलते धोखे
दुश्मनी दोस्ती के साथ है सोती
भोंक ना पाता कोई खंजर पीठ में
निगरानी को गर पीछे भी नजर होती

रिश्तों की पहचान हुई मुश्किल
मोहब्बत रुसवाई के आंसू रोती
खेल ना सकता इस दिल से कोई बार- बार
दिल में भी गर थोड़ी बुद्धि होती

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1 comment:

  1. its really nice one
    and your vocabulary in hindi is outstanding.

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